ये देश हमारा न्यारा है, यहाँ सबको राज दुलारा है
जो जीत गया वो जीता है, जो ना जीता वो हारा है
वचन जाये ये गंवारा है, यहाँ सबने अपना काम संवारा है
ये देश हमारा न्यारा है !!
दधिची दान अधूरा है, भगत बलिदान अधूरा है
बाबा साधू आ जायें तो यहाँ डॉक्टर ज्ञान अधूरा है
नित नए द्वार धुन्द्ते हैं सब, अभी सड़क का काम अधूरा है
कुछ नहीं यहाँ पर पूरा है, ये देश हमारा न्यारा है !!
दुश्मनी नहीं दुश्मनो से पर, अपनों ने ही पीठ में घोंपा छुरा है
यह देश नहीं जो सोचा था, इससे तो अच्छा गोरा है
छत पर चढ़ कर तुम मत देखो, ये नीव में धसा कंगूरा है
फिर भी ये भरम हमारा है, की ये देश हमारा न्यारा है !!
जिनमे भाईचारा था, अब ऐसी जात बनाई है
देश - देश लड़ते थे पहले, अब अपने ही घर में लड़ाई है
साथ - साथ बैठे हैं फिर भी, आरक्षण की गहरी खाई है
फिर भी देश ये हमको प्यारा है, क्योकि ये देश हमारा न्यारा है !!
दुखता है दिल देख कर उनको, जो सड़कों पर जीते हैं
मांगे हरदम जीवन अपना, पर कुछ ना वो पाते हैं
ये कैसी आज़ादी है, ये कैसा विकास है
ना मरने की चाह है और ना जीने की आस है !!
बदल रहे हैं इंसा भी और बदल रहा ये जहाँ भी
तो मैं पुछू क्यों ना बदलें, हम खुद को यहाँ भी
इसे बदलकर एक देश बनाओ ऐसा, जो लगे सच्चे "भारत" जैसा
जिसको बदले सिख - इसाई और हिन्दू - मुसल मान भी !!
ताकि गर्व से कह सकें तुम भी और हम भी,
" ये देश हमारा न्यारा है, देश ये हमको प्यारा है, ये हिंदुस्तान हमारा है " !!
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